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शान्ति एवं सौहार्द्र, किसी व्यक्ति के विकास एवं उन्नति तथा सामाजिक आकांक्षाओं और एक शक्तिशाली एवं सम्पन्न राष्ट्र के निर्माण के लिए आवश्यक पूर्वापेक्षाएं हैं । इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए यह परिकल्पना की गई है कि गृह मंत्रालय निम्नलिखित प्रयास करेगा :
- आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरों तथा उग्रवाद, विद्रोह एवं आतंकवाद को समाप्त करना;
- सामाजिक सौहार्द्र को बनाए रखना, उसकी रक्षा करना तथा उसे बढ़ावा देना;
- कानून का शासन लागू करना तथा समय पर न्याय प्रदान करना;
- समाज को अपराध मुक्त वातावरण प्रदान करना;
- मानवाधिकारों के सिद्घांतों को कायम रखना ; और
- प्राकृतिक एवं मानव-जनित आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करना ।
गृह मंत्रालय के बारे में
गृह मंत्रालय, राज्यों के संवैधानिक अधिकारों में दखल दिए बिना, सुरक्षा, शान्ति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए राज्य सरकारों को जन शक्ति एवं वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन एवं विशेषज्ञता प्रदान करता है।
भारत सरकार (कार्य आबंटन) नियम, 1961 के अंतर्गत गृह मंत्रालय के संघटक विभाग निम्नलिखित हैं :-
- आन्तरिक सुरक्षा विभाग
- राज्य विभाग
- गृह विभाग
- जम्मू एवं कश्मीर कार्य विभाग
- सीमा प्रबंधन विभाग
- राजभाषा विभाग
गृह मंत्रालय के प्रभाग, उनके उत्तरदायित्व के प्रमुख क्षेत्रों को विनिर्दिष्ट करते हुए, निम्नलिखित हैं :-
- प्रशासन प्रभाग
- सीमा प्रबंधन प्रभाग
- समन्वय प्रभाग
- सी एस प्रभाग
- आपदा प्रबंधन प्रभाग
- वित्त प्रभाग
- विदेशी प्रभाग
- स्वतंत्रता सेनानी/पुनर्वास प्रभाग
- मानव अधिकार प्रभाग
- आन्तरिक सुरक्षा-I प्रभाग
- आन्तरिक सुरक्षा-II प्रभाग
- जम्मू एवं कश्मीर प्रभाग
- न्यायिक प्रभाग
- पूर्वोत्तर प्रभाग
- नक्सल प्रबंधन प्रभाग
- पुलिस-I प्रभाग
- पुलिस-II प्रभाग
- पुलिस आधुनिकीकरण प्रभाग
- नीति नियोजन प्रभाग
- संघ राज्य क्षेत्र प्रभाग
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